
जांच में यह भी सामने आया कि वाहन को बिना अनुमति मॉडिफाई किया गया था। डीजे सिस्टम को गाड़ी के बॉडी के बाहर वेल्डिंग से फिट किया गया था। वाहन का फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी समाप्त हो चुका था।
कोर्ट ने लगाया जुर्माना
पुलिस ने आरोपी चालक और वाहन स्वामी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद वाहन मालिक बीना कौशिक पर ₹5 हजार और चालक गोपीराम मनहरे पर ₹55 हजार का जुर्माना लगाया।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं। ऐसा करने से चालक का नियंत्रण खत्म हो जाता है और हादसों की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही, बिना अनुमति वाहन मॉडिफाई करना या डीजे सिस्टम को असुरक्षित तरीके से फिट करना भी कानूनन अपराध है।