
धान खरीदी केंद्र कृषि उपज मंडी पेंड्रा के प्रबंधक मानसिंह राठौर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि जो लोग पैसे मांग रहे हैं, वे किसानों के निजी मजदूर हैं, न कि मंडी के हमाल। हालांकि, कई किसानों ने धान बेचने के दौरान आ रही परेशानियों को उजागर किया है। किसानों को पहले खुद ही धान की जांच करवानी पड़ती है और बोरियों में भरवाना पड़ता है। अब उन्हें मंडी में बोरियों को विधिवत छल्ली लगवाने के लिए भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, जिसे वे शोषण मान रहे हैं।