
सोमवार (5 जनवरी) को एनीकट हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान दो थानों की फोर्स मौजूद रही। कार्रवाई शुरू होते ही ईट भट्टी के ठेकेदार ने विवाद करना शुरू कर दिया।
नदी के अवैध एनीकट को हटाने पहुंची जेसीबी को भी बंद करवा दिया। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। बाद में जेसीबी को दोबारा तहसीलदार की मदद से शुरू करवाया गया। जिसके बाद एक छोर से पुल को तोड़ने का काम शुरू हुआ। एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने की कार्रवाई
ग्रामीणों के मुताबिक, दुर्ग जिले में ईट भट्ठा कारोबारी द्वारा शिवनाथ नदी पर एक अस्थाई पुल का निर्माण कर उसका व्यवसायी उपयोग किया जा रहा था। कलेक्टर अभिजीत सिंह को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सोमवार को एसडीएम और जल संसाधन की टीम भेजकर अस्थाई पुल को तुड़वा दिया। दो पंचायतों के बीच नदी, दोनों सरपंच खिलाफ
पथरिया और रवेलीडीह पंचायत के बीच बहने वाली शिवनाथ नदी पर एक ईंट-भट्टा ठेकेदार द्वारा यह अवैध पुल बनाया गया है। पथरिया पंचायत के सरपंच मीत कुमार निषाद का कहना है कि ईंट-भट्ठे वाले ने बांध बनाने के लिए पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली है।
बीते कई सालों से अस्थाई बांध बनाकर ईंट भट्ठे का काम कर रहा है। इसकी एक बार शिकायत की थी। बांध बनाकर ठेकेदार लाखों रुपए बचा रहा है।
वहीं रवेलीडीह के सरपंच माधोलाल देवांगन का कहना है कि ईंट-भट्टे वाले ने अपने फायदे के लिए मिट्टी का बांध बना लिया है। इससे मिट्टी और ईंट परिवहन करने में उसे सहूलियत मिलती है। ठेकेदार ने ईंट का स्टॉक रखने के लिए एक पंचायत की जमीन किराए पर ली है। लेकिन किराए के पैसे भी नहीं दे रहा है। 10 किलो मीटर की दूरी बचाने बना दिया पुल
ईंट भट्टा ठेकेदार ने परिवहन के 10 किलोमीटर को बचाने के लिए शिवनाथ नदी के ऊपर ही अवैध पुल बना लिया। जबकि उस जगह पर दो ब्रिज है। एक पुराना एनीकट पहले से और एक नया पुल बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन अपने स्वार्थ और अधिक मुनाफा कमाने के लिए ठेकेदार ने नदी के ऊपर ही अपना निजी रास्ता बनवा लिया।
वहीं बताया जा रहा है कि पिछले करीब 30 वर्षों से शिवनाथ नदी पर इसी तरह अवैध एनीकट बनाकर ईंट-भट्टे का व्यापार संचालित किया जा रहा था। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई की गई है।
एसडीओ बोले- पहले भी नोटिस दिया था, ठेकेदार बोला- बहाव न रुके इसलिए पाइप लगाया है
इस मामले में सिंचाई विभाग के एसडीओ कुलेश्वर जोशी का कहना है कि शिवनाथ नदी पर बिना अनुमति के ही अवैध पुल बनाया गया है। पिछले वर्ष नोटिस दिया था, जिसके बाद उसने बांध पर मालिकाना हक के लिए कोर्ट में केस लगा दिया। अतिक्रमण को लेकर थाने में भी शिकायत की है। बीते 30 वर्षों से नदी पर बांध बनाकर उपयोग कर रहा है। मिट्टी के बांध पर कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
वहीं ईंट भट्ठा ठेकेदार नीलकंठ पांडे का कहना है कि नदी में बांध बनाया जा सकता है। पानी का बहाव न रुके इसके लिए बांध में 10 स्थानों पर पाइप लगाया है। रास्ते का उपयोग सभी करते हैं। किसान लोग धान की गाड़ी लेकर भी इसी बांध से आते-जाते हैं।
नियम के तहत नदी पर बनाया है बांध। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस रास्ते से आम लोग भी आना-जाना कर करते थे। इससे सबको फायदा हो रहा था।