
ऐसे में उसे जेल भेज दिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह उसने हत्या की प्लानिंग की और गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा और चाकू से उगेश्वरी के सिर, गले, सीने, चेहरे पर तोबड़तोड़ वार किया।
जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद लखन ने पंखे से लटकर खुदकुशी कर ली। वारदात के वक्त आंगनबाड़ी के बच्चे और सहायिका बाहर ही मौजूद थे। फिलहाल, पुलिस ने दोनों से शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 15 साल पहले उगेश्वरी देवांगन के पति ने आत्महत्या कर ली थी। उगेश्वरी के दो बच्चे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं लखन भी शादीशुदा था और उसके दो बेटे हैं। उगेश्वरी के पति की मौत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी।
इस बीच उगेश्वरी का बेटा बाहर काम करने लगा था। जब वह वापस लौटा तो उसने लखन के घर आने-जाने पर आपत्ति जताने लगा। ऐसे में 13 जनवरी को उगेश्वरी अपने भाई के घर चली गई। लेकिन जाने से पहले वह देवरी थाने पहुंची।
थाने में उसने शिकायत दर्ज कराई कि लखन ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। इसके बाद पुलिस ने लखन को गिरफ्तार किया। बाद में उसे जेल भी भेज दिया गया। 3 फरवरी को लखन जमानत पर बाहर आया।