भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) रेड स्टार एवं आदिवासी भारत महासभा ने शहीदे आजम भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव की 91शहादत दिवस मनाया

Chhattisgarh Crimes

आजादी के79 साल बाद भी उत्पीड़ित जनता मूलभूत अधिकारों से वंचित

पूरन मेश्राम/मैनपुर।

आज 23/03/2026 को आदिवासी भारत महासभा (ए.बी.एम) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार ने भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव की 91 शहादत दिवस को मनाया।

23 मार्च सोमवार को ग्राम ज़िडार विखं मैनपुर जिला गरियाबंद में भगतसिंह, राजगुरु,सुखदेव को श्रद्धाजंलि अर्पित किया गया। वरिष्ट कॉमरेड भीमसेन मरकाम,प्रताप मरकाम एवं युवराज नेताम ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किया।कॉमरेड भीमसेन मरकाम ने कहा कि आज फ़ाँसीवादी ताकत सत्ता में काबिज हो चुके हैं।इन्हे किसान,मजदूर,

आदिवासियों से कोई लेना देना नहीं है।भगतसिंह अपनी युवा अवस्था से ही कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित थे।मेहनतकश जनता के जनवादी क्रांति के पक्षधर थे। वह समाजवादी समाज के लिए प्राणों की आहुति दी है।हमे भगतसिंह के सपनों का भारत के लिए लड़ना होगा। साथ ही मेहनतकशों का राज कायम करने की जरूरत बताया।

भा क पा (मा ले) रेड स्टार के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड युवराज नेताम ने कहा की आज पूरे विश्व में युद्ध जैसा माहौल है। साम्राज्यवादी अमेरिका और आतंकवादी इजरायल ईरानी जनता एवं छोटे बच्चों की हत्या कर रहे हैं।देश का प्रधानमंत्री मोदी को देश की चिंता नहीं है। उसे चुनाव जीतने की चिंता लगा है।फाँसिस्ट संघ परिवार के निर्देश पर मोदी सरकार अडानी अंबानी सरीखे महाभ्रष्ट कॉरपोरेट घरानों के हित में आदिवासियों को उनके जल जंगल जमीन से हटाने के लिए नये नये कानून बना रही है।छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार औऱ उनकी पुलिस माओवादी/नक्सली उन्मूलन के नाम पर निर्दोष आदिवासियों की हत्या करने पर तुली है।भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव को याद करने का मतलब है, उनके द्वारा शुरू किये गये संघर्षो को आगे ले जाना है।मेहनतकश जनता की राजसत्ता कायम करनी है । साम्राज्यवाद,कॉरपोरेट लूट एवं फासिस्ट बी जे पी/आरएसएस की नव फ़ाँसीवाद लूट के खिलाफ संघर्ष करते हुए जनता की जनवादी क्रांति को संपन्न करना ही इन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।श्रद्धांजलि सभा मे जनपद पंचायत सदस्य प्रताप मरकाम, हेमबाई मरकाम ,मैनाबाई मरकाम,सतरूपा मरकाम, खेलेन्द्री मरकाम,

इन्द्रबाई मरकाम,परमिला मरकाम,लीलेन्द्री

मरकाम,भीमसेन मरकाम,युवराज

नेताम,पदमलाल नेताम,गोखरण नागेश,

परमेश्वर मरकाम,बिसाहू मरकाम सहित क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया।

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