
उस समय कर्मचारी एक अन्य शव को शिफ्ट कर रहे थे। वरिष्ठ कर्मचारी बालचनैया ने उन्हें इंतजार करने को कहा। कर्मचारी की यह बात सरपंच जयवीर सिंह ठाकुर को नागवार गुजरी। गाली-गलौज के बाद कर्मचारी की पिटाई की
सरपंच ने गाली-गलौज करते हुए बालचनैया की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने बालचनैया का सिर पकड़कर दीवार में पटक दिया, जिससे कर्मचारी के सिर में गंभीर चोटें आईं और उसकी हालत बिगड़ गई।
मारपीट के बाद बालचनैया अपने साथियों के साथ सिविल लाइन थाना शिकायत दर्ज कराने गए थे, लेकिन हालत बिगड़ने के कारण वे शिकायत पत्र देकर वापस लौट आए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत सरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान पता चला है कि कर्मचारी के सिर में खून का थक्का जम गया है। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।