गरियाबंद के हक, किसानों के अधिकार और क्षेत्रीय विकास को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने जनसमस्या निवारण शिविर में सौंपा ज्ञापन

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पूरन मेश्राम/गरियाबंद। जिले के ग्राम कामरभौदी में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम द्वारा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, किसानों के हितों एवं विकास संबंधी मांगों को लेकर कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में दर्रिपारा, बिन्द्रानवागढ़ एवं मैनपुर क्षेत्र में व्याप्त गंभीर लो वोल्टेज समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए सिकासार जलाशय में स्थापित 7 मेगावाट जल विद्युत संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 15 मेगावाट किए जाने की मांग रखी गई, ताकि जिले को पर्याप्त विद्युत सुविधा मिल सके।

इसके साथ ही ग्राम शोभा में हायर सेकंडरी स्कूल भवन निर्माण, आदिवासी कन्या आश्रम की सीट 50 से बढ़ाकर 100 करने एवं जर्जर भवन के स्थान पर नवीन भवन निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी गई।

ग्राम शोभा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी दूर करने एवं नवीन भवन निर्माण की मांग भी की गई, जिससे लगभग 50 गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके।इसके अतिरिक्त ग्राम पीपरछेड़ी में नवीन महाविद्यालय खोलने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे वनांचल क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा का सीधा लाभ मिलेगा।वहीं किसानों की वर्षों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए ग्राम गरहाडीह, कोदोपाली एवं पारागांव डीह में नवीन धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग भी रखी गई, जहां किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं।इस दौरान मंच से जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि सरकार द्वारा ₹3400 करोड़ की स्वीकृति सिकासार जलाशय से कोडार नहर लिंकिंग परियोजना हेतु दी गई है, जो स्वागतयोग्य है, परंतु यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गरियाबंद जिले के किसानों को प्राथमिकता के साथ अधिकतम लाभ मिले।उन्होंने कहा कि जब पानी गरियाबंद जिले का है, तो सबसे पहले इसका लाभ यहां के किसानों, खेतों और गांवों को मिलना चाहिए। जिले के जल संसाधन विभाग को दूसरे जिलों तक पहुंँचाने से पहले स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा जरूरी है। इस विषय पर कलेक्टर से उचित समाधान निकालने का आग्रह किया गया।जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बताया कि इन सभी मांगों पर कलेक्टर द्वारा सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन क्षेत्र की जनभावनाओं एवं किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाएगा।

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