
दरअसल, रविवार देर रात ACCU की टीम चाकूबाजी के आरोपियों की तलाश में निकली थी। इसी दौरान करीब 3 बजे सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन की ओर से दो इलेक्ट्रिक ऑटो सीपत रोड की तरफ आ रहे हैं।
इनमें कुछ महिलाएं बोरियों और कपड़ों के गट्ठरों के बीच बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जा रही थीं। सूचना मिलते ही मोपका चौकी पुलिस ने बिलासपुर-सीपत रोड पर स्थित सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर दोनों ऑटो (CG 10 BS 7574 और CG 10 CC 3813) को रोक लिया। कपड़ों की गठरियों में छिपाया था गांजा
ऑटो में 8 महिलाएं और कुछ बच्चे भी सवार थे। तलाशी लेने पर प्लास्टिक की 8 बोरियों और कपड़ों के गट्ठों के भीतर खाकी टेप से लिपटे गांजे के 86 पैकेट मिले। हर पैकेट करीब एक किलो का था। तौल कराने पर कुल 90 किलो गांजा बरामद हुआ।
इसके बाद पुलिस ने सभी महिलाओं के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि मामले की आरपीएफ और जीआरपी को भनक नहीं लगी, वरना महिलाएं स्टेशन पर ही पकड़ी जा सकती थीं।
पुलिस का दावा है कि 90 किलो गांजा, दो इलेक्ट्रिक ऑटो और अन्य सामान समेत कुल 46 लाख 75 हजार रुपए का माल जब्त किया गया है।
कमाने-खाने के बहाने गई थीं महिलाएं
सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि मटियारी गांव की कई महिलाएं कुछ दिनों से ओडिशा गई हुई हैं। जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि महिलाएं कमाने-खाने के लिए गई थीं। हालांकि पुलिस को शक हुआ कि वे गांजा की खेप लेने गई हो सकती हैं। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।