
उत्तम जायसवाल ने कहा कि, अभ्यर्थी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
कोर्ट के आदेश का हवाला
AAP नेता ने पत्र में दावा किया कि, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देनी चाहिए।
गिरफ्तारी और जेल भेजने का आरोप
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को कई बार गिरफ्तार किया गया। उन्हें तीन बार जेल भेजा गया और चार दिनों तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने आंदोलन जारी रखा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी। ‘स्थिति गंभीर, सरकार ले फैसला’
उत्तम जायसवाल ने कहा कि नियुक्ति में लगातार देरी के कारण कई अभ्यर्थी मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने इसे सामाजिक और मानवीय संकट बताते हुए सरकार से संवेदनशील निर्णय लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि 10 जून तक नियुक्ति नहीं हुई तो 11 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल जाती।