
इस आयोजन का आयोजन ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (AIDA) द्वारा किया गया। कार्यक्रम को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, दुर्ग का सहयोग प्राप्त था।
मालविका ने भरतनाट्यम श्रेणी में अन्नमाचार्य कीर्तनम् ‘देव देवम् भजे’ प्रस्तुत किया। उन्होंने भरतनाट्यम में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है और पिछले 15 वर्षों से इस शास्त्रीय नृत्य का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनकी नृत्य-साधना को गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
मालविका, सी. मधु नायर एवं विजयलक्ष्मी नायर की सुपुत्री हैं। इस उपलब्धि पर उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन तथा माता-पिता के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी कला-यात्रा में अपने गुरु और परिवार के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
यह सम्मान मालविका की नृत्य-साधना और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनके समर्पण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।