बेलाट नाला पुल निर्माण में देरी से 36 गांवों के ग्रामीण परेशान, स्थायी समाधान की मांग तेज

Chhattisgarh Crimesबरसात में थम जाता है आवागमन, मरीजों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को होती है भारी परेशानी – चंदन सोनी ने उठाई जनहित की आवाज

युमेन्द्र कश्यप/गरियाबंद। देवभोग क्षेत्र के बेलाट नाला पर पुल निर्माण में हो रही देरी अब आसपास के लगभग 36 गांवों के ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। देवभोग मुख्यालय पहुंचने के लिए इस मार्ग पर निर्भर ग्रामीणों को बरसात के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नाले में पानी बढ़ने पर आवागमन बाधित हो जाता है, वहीं कई बार ग्रामीणों को लगभग 12 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान नाले में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना, विद्यार्थियों का स्कूल-कॉलेज जाना और दैनिक आवश्यकताओं के लिए मुख्यालय पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

जानकारी के अनुसार, बेलाट नाला पुल निर्माण के लिए लगभग 4 करोड़ 29 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में त्रुटि के कारण पूर्व में निविदा निरस्त होने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन ग्रामीणों को अब तक स्थायी समाधान का इंतजार है।

चंदन सोनी ने शासन-प्रशासन से की शीघ्र निर्माण की मांग

क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को लेकर चंदन सोनी ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की है कि बेलाट नाला पुल का निर्माण कार्य बिना किसी और विलंब के शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह किसी एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि लगभग 36 गांवों के हजारों लोगों के आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

उन्होंने संबंधित विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर किया जाए और ग्रामीणों को जल्द से जल्द स्थायी राहत प्रदान की जाए।

ग्रामीणों की एक ही मांग है—बेलाट नाला पर जल्द बने पुल, ताकि बरसात में आवागमन की परेशानी से मुक्ति मिल सके।