
जांच में यह भी पता चला कि उसने मर्डर के लिए 60 हजार रुपए की सुपारी दी थी। साथ ही मर्डर की प्लानिंग और सबूत मिटाने के लिए 150 से ज्यादा क्राइम स्टोरीज के एपिसोड उसके पति ने देखे। मोबाइल लोकेशन से बचने का भी उसने तरीका निकाला था।
इतना ही नहीं, उसने घटना को एक्सीडेंट का भी रूप दिया था। हालांकि महिला के परिजन ने कहा कि, ये हादसा नहीं हत्या है।
पुलिस को लगा एक्सीडेंट, परिवार की जिद ने खोले राज
पूरी घटना 22 मार्च 2025 की शाम 4.15 बजे की है। बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के मानपुर रोड स्थित बजरंग बली मंदिर के पास दो स्कूटी सवार महिलाएं सड़क पर गिरी हुई मिली थी। जिसमें शिक्षिका बरखा वासनिक की मौत हो गई थी। जबकि पीछे बैठी मथुरा मंडावी गंभीर रूप से घायल थी।
घटना के बाद दल्लीराजहरा थाना में अपराध दर्ज कर जांच शुरू हुई। प्रथम दृष्टया यह हादसा ही लगा। फिर मृतिका की बहन प्रियंका डाहार ने एसपी, आईजी से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए। जब पुलिस ने मामले की हत्या की एंगल से जांच शुरू की तो सच सामने आया।
एक शख्स टीचर की छुट्टी की जानकारी ले रहा था
परिजन भी अपने स्तर पर हादसे की जांच कर रहे थे। बरखा वासनिक शेरपार हाईस्कूल में व्याख्याता के पद पर पदस्थ थीं। वहीं बच्चों से पूछताछ में पता चला कि, घटना वाले दिन एक सफेद बोलेरो कार में सवार एक व्यक्ति लगातार आसपास था।
उसने बरखा मैडम की छुट्टी का समय भी बच्चों से पूछा था। बच्चों से जब बरखा के पति की तस्वीर दिखाई गई तो बच्चों ने भी फोटो को पहचान लिया। इससे बरखा के भाई-बहन का शक गहराया और उन्होंने पुलिस से इसकी जांच की मांग की। यही शक बाद में पुलिस जांच की अहम कड़ी बना।
हत्या की साजिश से पहले देखे 150 से ज्यादा क्राइम पेट्रोल एपिसोड
आरोपी पति का नाम शीशपाल वासनिक है जो भिलाई-3 में विद्युत विभाग में इंजीनियर है। पूछताछ में पता चला कि, शादी के बाद से ही पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बना हुआ था और तलाक की प्रक्रिया कोर्ट में चल रही थी, लेकिन कानूनी रूप से तलाक नहीं हो पाया।
इसी दौरान शीशपाल ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और इसके लिए 150 से ज्यादा क्राइम स्टोरीज देखी। हत्या के बाद सबूत मिटाने और पुलिस जांच से बचने के तरीकों के लिए भी उसने यूट्यूब पर इससे जुड़े वीडियो खंगाले।
60 हजार में की पत्नी की हत्या की डील, मोबाइल से रची लोकेशन की साजिश
बालोद एसपी योगेश पटेल ने बताया कि आरोपी शीशपाल वासनिक ने अपनी पत्नी की हत्या के लिए सुपारी दी थी। उसने सुपेला भिलाई निवासी कयामुद्दीन (24 साल) से 60 हजार रुपए में सौदा किया था।
इतना ही नहीं, हत्या को अंजाम देने से एक दिन पहले उसने शातिर तरीका भी अजमाया। 21 मार्च की रात उसने अपना एक मोबाइल ऑफिस के स्वीपर राहुल रात्रे को दे दिया। साथ ही कुछ कॉन्टैक्ट नंबर भी दिए।
स्वीपर राहुल रात्रे को उसने कहा कि, 22 मार्च को तय समय पर अलग-अलग नंबर पर हाय-हेलो जैसे कॉल किए जाएं। इससे उसकी लोकेशन दुर्ग में ही ट्रेस होगी। जिससे पुलिस गुमराह हो और लगे कि पति दुर्ग में ही है।