छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल में साल भर हाथियों की मौजूदगी रहती

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल में साल भर हाथियों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में कई बार जंगल किनारे कुएं में हाथी शावक के गिरने की खबरें भी सामने आती रहती हैं। जिसे रोकने के लिए अब चिन्हित 42 कुएं के चारों ओर दीवार उठाए जाएंगे। लोहे की जाली लगाई जाएगी। जिससे ऐसी घटनाएं न हो।

दरअसल, साल 2025 में खरसिया रेंज और घरघोड़ा रेंज में घटनाएं हुई थी। जहां रात के समय हाथी शावक कुएं में अचानक गिर गए थे। उन कुएं के चारों ओर कोई दीवार नहीं था, न ही उसके ऊपर कुछ ढंका हुआ था। ऐसे में हाथी शावक उसमें गिर गए। हालांकि, विभाग ने रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाल लिया था।

इन घटनाओं को देखते हुए विभाग ने कुएं के चारों ओर 3 फीट दीवार बनाने और ऊपर से जाली ढंकने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जिसे स्वीकृति मिलने के बाद अब उस पर काम किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ वन मंडल के 4 रेंज में 42 कुएं चिन्हित किए हैं। जिसमें पहले चरण में उन्हें सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में चिन्हित 142 कुएं में काम होगा।

ऐसे हुई थी दोनों घटनाएं

जून महीने की शुरुआत में पहली घटना घरघोड़ा रेंज के चारमार बीट में हुई थी। जहां रात के समय एक हाथी शावक जंगल किनारे कुएं में गिर गया था। जब इसकी जानकारी हुई तो रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला गया।

इसके अलावा दूसरी घटना खरसिया रेंज के तेंदुमुड़ी बीट में हुई थी। जिसमें पत्ता खाने के चक्कर में हाथी का शावक फिसलकर कुएं में जा गिरा। बाद में इसका भी रेस्क्यू कर इसे बाहर निकाला गया था।

भेजा गया था प्रपोजल

DFO अरविंद पीएम ने बताया कि, एक प्रपोजल भेजा गया था कि, जो जमीन से लगे हुए कुएं है। जिसमें कोई सुरक्षा के उपाए नहीं है। उसे चिन्हित किया गया तो 42 कुएं मिले जो जंगल के किनारे हैं। अब इसमें 3 फीट का दीवार बनाया जाएगा। ऊपर जाली से ढकेंगे। अगले साल 120 कुएं को चिन्हित किए हैं। उस पर काम किया जाएगा।

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