
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर गौरेला, पेंड्रा और मरवाही से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल के सदस्य सुबह कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि भाजपा शासन में ग्रामीण आजीविका पर हमला हो रहा है। उन्होंने मनरेगा में 200 दिन का काम, मजदूरी में वृद्धि और लंबित भुगतान की मांग की। साथ ही, धान खरीदी की सीमा बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
संभागीय समन्वयक विजय केशरवानी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। पूर्व विधायक बिलासपुर शैलेश पांडे ने चेतावनी दी कि यदि कानून में बदलाव नहीं किया गया तो यह एक बड़ा जन आंदोलन बन जाएगा।
देर शाम तक कार्यकर्ताओं की रिहाई
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण गिरफ्तारियां हुईं और देर शाम तक कार्यकर्ताओं की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। जिलाध्यक्ष भानु ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।