
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के नए वित्तीय वर्ष अप्रैल में नया भवन बनाने के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई। जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि बंजारे के नेतृत्व में आक्रोशित ग्रामीणों ने एसआईआर (स्पॉट इंस्पेक्शन रिपोर्ट) की सुनवाई करने आए अधिकारियों को जर्जर भवन के अंदर रोककर बाहर से ताला लगा दिया था।
इस दल में जनपद पंचायत के अधिकारी (डीओ) एम के कुजुर, सहायक अभियंता गुलशन कुमार गायकवाड़, दो शिक्षक और एक रोजगार सहायक सहित कुल छह अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। रवि बंजारे ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन के मुद्दे पर लगातार अनदेखी की जा रही थी।
अधिकारियों के आश्वासन से नहीं मिला समाधान
उन्होंने बताया, “हम इस मुद्दे को लेकर कई बार अधिकारियों के कार्यालयों और विभागों का चक्कर लगा चुके हैं। हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदलता। जब शांतिपूर्ण तरीकों से बात नहीं बनी, तो अधिकारियों को बंधक बनाना उनकी मजबूरी बन गई, ताकि उनका ध्यान इस गंभीर संकट की ओर खींचा जा सके।
एक कमरे में पढ़ने को मजबूर 27 बच्चे और आंगनबाड़ी के नौनिहाल
वर्तमान में गांव के प्राथमिक शाला पहली से पांचवीं तक के 27 स्कूली बच्चे और आंगनबाड़ी के छोटे बच्चे एक ही कमरे में बैठने को मजबूर हैं। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे ने फोन पर रवि बंजारे जिला पंचायत सदस्य और ग्रामीणों से बात की।
स्कूल भवन प्रस्ताव शासन को भेजा गया
उन्होंने स्पष्ट किया, “ग्राम तमोरी के नए स्कूल भवन हेतु 29 सितंबर को ही शासन को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया गया था। यह प्रस्ताव नए वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2024) के बजट आवंटन की प्रक्रिया में है। हमें पूरी उम्मीद है कि अप्रैल के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।”