
कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से नारेबाजी करते हुए कचहरी चौक पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल पुतला छीनने के लिए मौजूद था, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विधायक ओंकार साहू ने मांग की कि इस नई गाइडलाइन पर कैबिनेट में पुनर्विचार कर इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जाएगा, क्योंकि इससे जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों को नुकसान हो रहा है, खासकर जरूरतमंदों को।
नई गाइडलाइन वापस लेने की मांग
ओंकार साहू ने कहा कि पूरे राज्य में जमीन पंजीयन को लेकर लगातार समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई जमीन के गाइडलाइन दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी और अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछली सरकार ने 30% छूट दी थी, वो अब खत्म
पहले सरकार जमीन का मूल्य (बाजार मूल्य) निकालते समय 30% कम कर देती थी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी जमीन का बाजार मूल्य 10 लाख है, तो रजिस्ट्री के समय इसे 30% कम कर दिया जाता था। यानी 10 लाख का सिर्फ 70% (7 लाख) माना जाता था।
इसी कम किए गए मूल्य पर जमीन पर 4% और 75 लाख तक के मकानों पर 2% पंजीयन शुल्क लिया जाता था। अब सरकार ने 30% की छूट खत्म कर दी है। जमीन/मकान का पूरा 100% मूल्य ही गिना जाएगा, लेकिन पंजीयन ड्यूटी (4% और 2%) अभी भी वही रखी है, कम नहीं की गई।