छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बच्चा नहीं होने पर महिला के प्राइवेट पार्ट में डंडा डालकर परिवार वालों ने उसकी जान ले ली

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बच्चा नहीं होने पर महिला के प्राइवेट पार्ट में डंडा डालकर परिवार वालों ने उसकी जान ले ली। पत्नी और उसकी सौतन के रोज-रोज के झगड़े से पति परेशान था, वहीं देवर देवरानी को शक था कि महिला जादू टोना करती है, इसलिए घर में बच्चा नहीं हो रहा और बीमारी है। जिसके बाद चारों ने मिलकर महिला की जान ले ली।

घटना सन्ना थाना क्षेत्र के ग्राम गट्टी महुवा की है। 5 मार्च को पति पत्नी को किसी बहाने से झोपड़ी ले गया। वहां, उसकी दूसरी पत्नी और देवर देवरानी ने मिलकर महिला को शराब पिलाई, बेसुध हालत में पति ने जमीन पर पटका। फिर देवर देवरानी ने महिला के प्राइवेट पार्ट में डंडा डाल दिया, जिससे महिला की मौत हो गई।

आरोपियों ने वारदात के बाद लाश पर कंबल डालकर ढक दिया था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ है। बता दें कि जिले में पिछले 6 महीने में जादू टोना के शक में मर्डर की ये दूसरी घटना है।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 6 मार्च 2026 को गोईदी बाई संदिग्ध परिस्थितियों में घर में मृत पाई गई। उनके भाई सहलू राम ने सन्ना थाने में जाकर बताया कि बहन को घर में मृत हालत में देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहां गोईदी बाई के शरीर और आसपास खून के निशान मिले, और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट के निशान पाए गए।

संदेह के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि महिला की मौत प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट की वजह से हुई। इससे साफ पता चलता कि महिला की हत्या हुई है।

जादू-टोना के शक में हुआ विवाद

पुलिस ने संदेह पर फुला बाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि गोईदी बाई के पति ठूपन राम ने दूसरी शादी फुला बाई से की है। गोईदी बाई की उसकी सौतन फुला बाई से आए दिन झगड़ा होता रहता था।

गोईदी बाई और उसकी सौतन फुला बाई के बीच 5 मार्च 2026 दोपहर करीब 2 बजे किसी बात पर फिर विवाद हुआ। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसके बाद फुला बाई और उसका पति ठूपन राम खेत की तरफ चले गए।

वहीं ठूपन राम का चचेरा भाई सुनील राम और उसकी पत्नी सुरन्ती बाई झोपड़ी में बैठे थे। कुछ देर बाद गोईदी बाई बर्तन धोने के लिए कुएं की ओर जा रही थी। इस दौरान ठूपन राम वापस आया और उसे बहला-फुसलाकर झोपड़ी में ले गया।

वहां पहले से बैठे फुला बाई, सुनील राम और सुरन्ती बाई के साथ बैठकर सभी ने शराब पी। इस दौरान सुनील राम ने आरोप लगाया कि उसके घर में बच्चा न होने और उसके पिता को कैंसर होने के पीछे गोईदी बाई का जादू-टोना है।

चारों ने मिलकर किया मर्डर, लाश छिपाई

शक के चलते सुनील राम ने गोईदी बाई के बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया। फिर ठूपन राम और फुला बाई ने उसके हाथ-पैर पकड़कर उसे दबोच लिया। इस बीच सुरन्ती बाई ने कहा कि उसके बच्चे न होने का कारण भी गोईदी बाई ही है।

इसके बाद सुनील राम और सुरन्ती बाई ने मिलकर लकड़ी का डंडा गोईदी बाई के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बिस्तर पर रखकर कंबल से ढक दिया, ताकि घटना छुपाई जा सके।

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