छत्तीसगढ़ के धमतरी की दिव्यांग छात्रा चंचल सोनी ने राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड सहित कुल पांच पदक जीते

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी की दिव्यांग छात्रा चंचल सोनी ने राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड सहित कुल पांच पदक जीते हैं। पंजाब में आयोजित प्रतियोगिता में चंचल ने सिर्फ 20 दिन के प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की।

यह प्रतियोगिता 30 जनवरी से 2 फरवरी तक पंजाब के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में आयोजित की गई थी। चंचल सोनी ने अपनी दिव्यांगता को बाधा नहीं बनने दिया और अपने हौसले से सफलता के झंडे गाड़े।

धमतरी के एक्जेक्ट फाउंडेशन दिव्यांगजन आवासीय विद्यालय की छात्रा चंचल ने अपनी 20 दिन की ट्रेनिंग के दौरान प्लास्टिक के स्टूल पर पैर का संतुलन बनाकर तीरंदाजी का अभ्यास किया। इसी अनूठी तकनीक और कड़ी मेहनत से उन्होंने यह जीत हासिल की।

महिला टीम में गोल्ड

चंचल सोनी ने बताया कि उन्होंने 50 मीटर रेंज की व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर मेडल और 30 मीटर रेंज में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके अलावा, मिक्स टीम (लड़कियां-लड़के) जोड़ी में ब्रॉन्ज और ओलंपिक राउंड में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। महिला टीम स्पर्धा में चंचल सोनी और श्यामकुमारी की जोड़ी ने राजस्थान को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

20 दिन की ट्रेनिंग में 5 पदक

एक्जिट फाउंडेशन की देवश्री ने चंचल की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पूरे भारत में शायद यह पहली बार है कि किसी खिलाड़ी ने सिर्फ 20 दिन की ट्रेनिंग में पांच राष्ट्रीय पदक जीते हों। चंचल सुबह और शाम दो-दो घंटे अभ्यास करती थीं।

धमतरी पहुंचने पर चंचल सोनी का जिले में भव्य स्वागत किया गया। घड़ी चौक पर उनके सम्मान में पुष्प वर्षा की गई और “चंचल सोनी की जय” के नारे लगाए गए। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने खेल जगत को भी आश्चर्यचकित कर दिया है।

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