‘आत्महत्या के लिए मैं जिम्मेदार’ लिखकर खुद को जलाया

Chhattisgarh Crimesमैं शारीरिक परेशानी की वजह से यह कदम उठा रही हूं। इसकी जिम्मेदार मैं स्वंय हूं। यह लिखकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की एक टीचर ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली है।

भिलाई की रहने वाली रजनी देवांगन (50) पेशे से टीचर थी। उनका बेटा डॉक्टर है और बेटी MBBS की पढ़ाई कर रही है। पति की प्राइवेट जॉब है। रजनी ने सुसाइड क्यों किया इसकी जांच जारी है।

भिलाई सेक्टर-8 में 10 फरवरी की शाम रजनी देवांगन (50) की बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में जली हुई लाश मिली। वह अपने घर पर ही पहली से लेकर बारहवी तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी।

10 फरवरी की शाम जब बच्चे ट्यूशन पढ़ने घर पर पहुंचे तो घर पर कोई नजर नहीं आया। बच्चों ने आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद पड़ोसियों ने भी आवाज दी कोई जवाब नहीं आया। घर के अंदर से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने डायल-112 को इसकी सूचना दी।

डायल 112 पहुंची तो देखा कि बाथरूम में आग लगी थी। अंदर एक महिला की जलकर मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और CSP समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

सुसाइड नोट में शारीरिक परेशानी की लिखी बात

पुलिस की जांच पड़ताल में रजनी के घर से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपने शारीरिक परेशानी की बात लिखी है। अपनी मौत का जिम्मेदार उसने खुद को ठहराया है। हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट सार्वजनिक नहीं किया है।

बेटा डॉक्टर तो बेटी कर रही एमबीबीएस की पढ़ाई

रजनी के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। पति प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं। वहीं उनका बेटा डॉक्टर है, जबकि बेटी रायपुर में MBBS की पढ़ाई कर रही है। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। टीचर की जलने से ही मौत की पुष्टि होने की जानकारी सामने आ रही है

Exit mobile version