
SECL के सुरक्षाकर्मियों पर पहले ग्रामीण हमला कर चुके हैं। इस कारण सुरक्षाकर्मी भी कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि, अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, SECL की अमेरा खदान में घुसकर बड़ी संख्या में ग्रामीण रोज कोयला चोरी कर रहे हैं। ग्रामीण खदान के फेस तक पहुंचकर कोयले को बोरों में भरकर बाहर ले जाते हैं। बाहर से साइकिल और बाइक से कोयला गांवों तक पहुंचा दिया जाता है। अनुमान के मुताबिक, प्रतिदिन करीब 100 टन तक कोयले की चोरी हो रही है।
कोयला चोरी करने वाले ग्रामीणों को रोकने पर खदान की सुरक्षा में तैनात कर्मिचारियों पर हमले भी हो चुके हैं। इस कारण सुरक्षाकर्मी भी सहमे रहते हैं। रोज हो रही कोयला चोरी से SECL को भी लाखों का नुकसान हो रहा है।
बताया गया है कि, चोरी का कोयला ग्रामीण स्थानीय स्तर पर ईंट भट्ठों में बेचते हैं। वहीं, कुछ कोयला बाहर भी तस्करी कर भेजा जा रहा है। कोयला चोरी को लेकर पहले पुलिस अभियान चलाकर कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिस से मांगी गई है मदद- जीएम
SECL विश्रामपुर के जीएम डॉ. संजय सिंह ने कहा कि, ग्रामीण दादागिरी से खदान में घुसकर कोयला चोरी कर रहे हैं। कोयला चोरी रोकने पर सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की जाती है। कोयला चोरी रोकने के लिए सरगुजा एसपी से चर्चा की गई है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों को कोयला चोरी नहीं करने की समझाइश दी गई है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं।
अभियान चला की जाएगी कार्रवाई- ASP
इस मामले में सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि, मामला संज्ञान में आया है। पहले भी पुलिस ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। अब फिर पुलिस कोयला चोरी रोकने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी।