
पीड़ित परिवार सर्वमंगला मंदिर क्षेत्र में खिलौने बेचकर अपनी जीविका चलाता है। परिवार की सदस्य किरण ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले दीपक और उसके सहयोगी अक्सर घर के सामने की नाली में कचरा और राख फेंकते थे। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो उन्होंने समझने के बजाय बहस की और धमकी दी।
किरण के अनुसार, उन्हें मंदिर आते-जाते समय गलत काम करने और मारपीट की धमकी दी गई थी। उन्होंने पुलिस को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। कुछ घंटों बाद, हमलावरों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की। इस दौरान उनके हाथ में हथियार जैसी कोई चीज थी, जिससे किरण और उनकी बहन को चोटें आईं।
पीड़ित पक्ष के आरोपों को पुलिस ने किया खारिज
पीड़ित पक्ष के इन आरोपों पर कोरबा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने पर पुलिसकर्मियों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।