
बताया जा रहा है कि यह कंपनी कोका कोला कोल्डड्रिंक ब्रांड के प्रोडक्ट बनाती है। सिरगिट्टी स्थित फैक्ट्री से मध्य भारत के कई हिस्सों में उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। आयकर विभाग की 6 सदस्यीय टीम अकाउंट, स्टॉक और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाल रही है। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के अंदर-बाहर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
देशभर में एक साथ कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने एक साथ देश के कई राज्यों में कंपनी से जुड़े प्रतिष्ठानों पर दबिश दी है। नर्मदा ड्रिंक्स से संबंधित अन्य इकाइयों में भी जांच जारी है। फिलहाल, आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
उत्पादन और वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजों की जांच
बताया जा रहा है कि प्रदीप अग्रवाल कंपनी के प्रमुख संचालक हैं, जबकि बिलासपुर इकाई का संचालन नवनीत अग्रवाल देख रहे हैं। आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों के मिलान, कर विवरणियों और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है, जिसमें उत्पादन और आय व्यय की जानकारी जुटाई जा रही है।
फैक्ट्री परिसर में आने जाने वालों को रोक दिया गया है और अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई कितने समय तक चलेगी, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा कि जांच व्यापक स्तर पर की जा रही है।
5 दिन पहले भी की गई थी छापेमार कार्रवाई
5 दिन पहले ही बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में कोल कोराबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की टीम ने रेड मारी थी। बिलासपुर में फिल ग्रुप के फैक्ट्री और घर समेत अलग-अलग ठिकानों पर टीम ने एक साथ दबिश दी गई। जबकि जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में IT टीम ने छापा मारा था।
अधिकारी SIR (सर्वे/इंस्पेक्शन रिपोर्ट) की सर्वे टीम बनकर कार्रवाई की। टीम की गाड़ियों में SIR के स्टीकर भी लगे हुए थे। कार्रवाई के दौरान टीम की ओर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए। फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा हैं।
दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच
अफसरों की शुरुआती जांच में सामने आया कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग के साथ टैक्स में हेराफेरी की जा रही थी। कारोबारी टैक्स बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे।
कारोबार से होने वाली आय की तुलना में कम टैक्स भुगतान किए जाने की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई। हालांकि, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
वहीं जानकारों का कहना है कि आयकर टीम को कंपनी के रिकॉर्ड में कई खामियां मिली हैं और टैक्स चोरी के भी प्रमाण सामने आए हैं।