
गिरफ्तारी के बाद टुटेजा को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि टुटेजा शराब और कोल लेवी घोटाले में भी आरोपित है। फिलहाल दोनों प्रकरणों में जमानत पर बाहर थे।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक ब्यूरों में पिछले वर्ष दर्ज डीएमएफ प्रकरण की विस्तृत विवेचना के दौरान टुटेजा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच में सामने आए महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि टुटेजा ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर चहेते व्यक्तियों और फर्मों को करोड़ों के काम दिलवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
रिश्तेदारों के जरिए कमीशन का खेल
एजेंसी की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी आया है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और निकट संबंधियों के माध्यम से विभिन्न फर्मों से मोटा कमीशन लेकर डीएमएफ मद के कार्य आवंटित कराए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर टुटेजा के विरुद्ध शासकीय धन का दुरुपयोग, आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्ट आचरण जैसे गंभीर संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टया स्थापित पाए गए हैं।
चार दिन की पूछताछ में टुटेजा से खुलेंगे कई राज
विशेष न्यायालय ने ईओडब्ल्यू की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी अनिल टुटेजा को पूछताछ के लिए चार दिनों की रिमांड पर सौंपा है। ब्यूरो अब रिमांड अवधि के दौरान टुटेजा से इस घोटाले के अन्य लाभार्थियों, सिंडिकेट के नेटवर्क और धन के लेन-देन के स्रोतों के बारे में कड़ी पूछताछ करेगा।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ अन्य रसूखदारों पर भी गाज गिर सकती है। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों इस प्रकरण में गिरफ्तार होटल कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा से मिले पुख्ता सुबूत व इनपुट के आधार पर टुटेजा की गिरफ्तारी की गई है।