
दीपक डोंगरे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। दीपक ने बताया कि उनके पिता विजय कुमार डोंगरे, जो उसी विद्यालय में शिक्षक हैं। वर्ष 2017-18 में एक दुर्घटना के शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना के कारण वे विकलांग हो गए और उन्हें सरकार द्वारा दिए जाने वाले विशेष विकलांगता भत्ते का हकदार बताया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रिंसिपल बया इस भत्ते का भुगतान करने के एवज में प्रतिमाह 10,000 रुपए रिश्वत की मांग करते थे। यह राशि कभी सीधे तो कभी बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती थी। हाल ही में, प्रिंसिपल ने पिछले छह महीनों की बकाया राशि निकालने के लिए 15,000 रुपए रिश्वत की मांग की थी और राशि न देने पर पीड़ित शिक्षक का वेतन ही रोक दिया था।
एसीबी ने प्रिंसिपल को रिश्वत लेते पकड़ा
पीड़ित दीपक की शिकायत पर एसीबी ने मामले की जांच की और प्रिंसिपल को रंगेहाथों पकड़ने की योजना बनाई। बुधवार को भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास आरोपी प्रिंसिपल आर.एन. बया को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि इसी माह 19 फरवरी को भी पलारी जनपद के एसडीओ को 25,000 रुपए रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया था। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।