
26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में हथियार लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास लगातार चल रहे हैं।
वहीं, बस्तर आईजी सुंदरराज पी बस्तर रेंज में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से भी हिंसा त्यागकर सामान्य जीवन अपनाने की अपील की। शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन के लिए आगे आने वालों को पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता देने की बात कही।