छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा-भानुप्रतापपुर मेन रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने मोपेड सवार को रौंद दिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा-भानुप्रतापपुर मेन रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने मोपेड सवार को रौंद दिया। इस सड़क हादसे में मोपेड सवार वन विभाग के वॉचमैन की मौत हो गई।

हादसा इतना भयानक था कि मोपेड (बाइक) ट्रक के आगे के पहियों में फंस गई थी और ट्रक उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए राम मंदिर के पास तक ले गया। जहां चौकीदार के शव के चिथड़े हो गए थे।

मामला डौंडी नगर थाना क्षेत्र का है। हादसे का लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद आक्रो​शित लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

अब जानिए पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, श्याम सिंह मसीयारे (53) ग्राम परसदा का रहने वाला है। वह होली त्योहार के दूसरे दिन 5 मार्च को जड़ी-बूटी लेने के लिए डौंडी गए हुए थे। लौटते समय उन्होंने कच्चे रास्ते से होते हुए मेन रोड पकड़ा।

इसी दौरान दल्लीराजहरा की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक (CG04 LM 3499) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मोपेड ट्रक के आगे के पहियों में फंस गई और ट्रक उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए राम मंदिर के पास तक ले गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे से भड़के वार्डवासियों ने किया चक्का जाम

हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में वार्डवासी और व्यापारी सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। चक्का जाम के दौरान लोगों ने माइंस की गाड़ियों को रोक दिया। जबकि सामान्य यातायात को चालू रखा गया।

सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब 10:40 बजे एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।

डौंडी क्षेत्र का प्रसिद्ध वैद्य था मृतक, जड़ी-बूटी लेने गया था

ग्रामीण चुरेन्द्र कुमार हिरवानी ने बताया कि मृतक श्याम सिंह मसीयारे डौंडी क्षेत्र के प्रसिद्ध वैद्य थे, जिनके पास दूर-दूर से लोग आयुर्वेदिक दवा लेने आते थे। गुरुवार (5 मार्च) को भी वे जड़ी-बूटी लेने के लिए डौंडी गए हुए थे।

वापस लौटने के दौरान ही यह हादसा हो गया। मृतक अपने गांव परसोदा (ढोर्रीठेमा) स्थित वन विभाग की नर्सरी में चौकीदारी का भी काम करता था। उनके असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

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