राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 8 किलो 321 ग्राम गांजा जब्त किया

Chhattisgarh Crimesराजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 8 किलो 321 ग्राम गांजा जब्त किया है। यह खेप मध्य प्रदेश से रायपुर पहुंचाई जा रही थी। इस मामले में एक अंतर्राज्यीय आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए गांजे की कुल कीमत करीब 4 लाख 16 हजार 50 रुपए बताई जा रही है।

यह कार्रवाई थाना उरला और गुढ़ियारी थाना क्षेत्र की रामनगर चौकी पुलिस ने नारकोटिक एक्ट के तहत की है। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। 10 मार्च 2026 को उरला पुलिस को सूचना मिली कि, बाजार चौक के पास एक युवक गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहा है।

सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा ने उरला पुलिस को मौके पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने बताए गए हुलिए के आधार पर युवक को घेराबंदी कर पकड़ा।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुमित वर्मा (19) निवासी साई नगर उरला बताया। तलाशी लेने पर उसके बैग से 3 किलो 115 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

रामनगर में भी पकड़ा गया अंतरराज्यीय तस्कर

इसी दौरान गुढ़ियारी थाना क्षेत्र की रामनगर चौकी पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए एक अन्य आरोपी को 5 किलो 206 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान अनिल अहीरवार (32) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से विदिशा मध्य प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह गांजा लेकर रायपुर में बिक्री के लिए आया था।

कुल 8.32 किलो गांजा जब्त

दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 8 किलो 321 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.16 लाख रुपए है। इस मामले में थाना उरला में अपराध क्रमांक 86/2026 धारा 20बी नारकोटिक्स एक्ट और थाना गुढ़ियारी में भी नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि, फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक के आधार पर मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी पहचान कर एंड-टू-एंड कार्रवाई की जाएगी।

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