छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी.

रायपुर। पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर हाई कोर्ट का एक बड़ा फैसला आया है। उच्च न्यायालय ने भर्ती पर लगी रोक हटा दी है और खाली पदों को भरने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बिलासपुर स्थित हाई कोर्ट ने आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर लगा स्टे (रोक) हटाते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और चयनित उम्मीदवारों को जल्द ज्वॉइनिंग दी जाए।

यह था पूरा विवाद

पुलिस विभाग ने लगभग 5,967 पदों पर भर्ती निकाली थी। विवाद इसलिए हुआ क्योंकि विज्ञापन के अनुसार, एक उम्मीदवार एक से अधिक जिलों में आवेदन कर सकता था।

समस्या क्या थी?

  • कई होनहार उम्मीदवार एक साथ 3-4 जिलों की मेरिट लिस्ट में आ गए।
  • याचिकाकर्ताओं को डर था कि जब ये उम्मीदवार किसी एक जिले में नौकरी चुनेंगे, तो बाकी जिलों के पद खाली रह जाएंगे।
  • अनुमान लगाया गया कि इससे लगभग 2,500 पद खाली रह सकते हैं, जिससे अन्य पात्र युवाओं को मौका नहीं मिलेगा।

हाई कोर्ट का फैसला और सरकार का तर्क

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने माना कि कुछ अभ्यर्थी एक से अधिक जिलों में चुने गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि वास्तविक खाली पदों की संख्या तभी पता चलेगी जब चयनित लोग जॉइन कर लेंगे।

कोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य बातें कहीं

  • नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करें: सबसे पहले वर्तमान चयन सूची के आधार पर उम्मीदवारों को ज्वॉइनिंग दी जाए।
  • खाली पदों की पहचान: ज्वॉइनिंग प्रक्रिया खत्म होने के बाद जो पद खाली रह जाएंगे, उनकी सही संख्या का पता लगाया जाए।
  • वेटिंग लिस्ट से भरें पद: खाली रहे पदों को ‘प्रतीक्षा सूची’ के उम्मीदवारों से भरा जाए। इसमें उनकी कैटेगरी (ओबीसी, एसी, एसटी आदि) का पूरा ध्यान रखा जाए।
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