बालाघाट जिले में नक्सल इतिहास में पहली बार 10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपने हथियार सौंपकर आत्मसमर्पण किया

Chhattisgarh Crimesबालाघाट जिले में नक्सल इतिहास में पहली बार 10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपने हथियार सौंपकर आत्मसमर्पण किया। इसमें 62 लाख रुपए के इनामी हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र उर्फ कबीर भी शामिल हैं। सभी 10 नक्सलियों पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनमें चार महिला और छह पुरुष नक्सली हैं।

CM बोले- पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट जोन में इस साल अब तक 10 हार्डकोर नक्सली मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों का पुनर्वास किया जाएगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।हथियार और उपकरण पुलिस को सौंपे सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने पुलिस को दो AK-47, दो इंसास रायफल, एक एसएलआर, दो एसएसआर, सात बीजीएल सेल और चार वॉकी-टॉकी सौंपे। इस कार्रवाई के पीछे प्रदेश की नक्सल आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षा बलों के लगातार अभियान का असर माना जा रहा है।

नक्सलियों ने वनकर्मियों से किया संपर्क वनकर्मी गुलाब उईके और स्थानीय ग्रामीणों ने सरेंडर प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। वनकर्मी ने बताया कि नक्सलियों ने खुद संपर्क किया और वाहन के माध्यम से बालाघाट लाए गए। ग्रामीणों का सहयोग न मिलने से नक्सलियों ने आत्मसमर्पण को प्राथमिकता दी।

सुरक्षाबलों के दबाव और नीति का असर पुलिस सूत्रों के अनुसार, मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे की समय-सीमा और जंगलों में बढ़ते सुरक्षाबलों के दबाव के कारण नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर बातचीत और सरेंडर का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम लांजी के छत्तीसगढ़ सीमा से लगे माहिरखुदरा में हुई मुठभेड़ के बाद शनिवार देर रात हुआ।

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