
यह कार्रवाई बसना, कोमाखान, सिंघोड़ा और महासमुंद थाना क्षेत्रों में की गई है। गिरफ्तार आरोपी छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। यह आरोपी ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़ तस्करी कर रहे थे।
इन 4 थाना इलाके में हुई कार्रवाई
कोमाखान थाना: एनएच-353 टेमरी नाका पर नाकाबंदी के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजे 9286 से 25 किलो गांजा जब्त किया गया। एमपी के मोहित साहू (27) और पुष्पेन्द्र साहू (21) को गिरफ्तार किया गया।
इसी थाने की टीम ने डिजायर कार क्रमांक जेएच 01 एफजेड 4071 से 200 किलो गांजा बरामद किया। इस कार में उत्तर प्रदेश के 3 आरोपी सवार थे। पकड़े गए गांजे की कीमत 1.08 करोड़ रुपए बताई गई है।
बसना थाना: पैकर्स एंड मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के बोलेरो पिकअप में रायगढ़ से घरेलू सामान हैदराबाद ले जाने के लिए निकले थे। लेकिन बीच में ओडिशा से सामान के नीचे 454.890 किलो गांजा छिपाकर ले जा रहे थे।
पिकअप चालक इमरान (37) राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल और 10 हजार कैश समेत 2.38 करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है।
सिंघोड़ा थाना: नेशनल हाईवे 53 रेहटीखोल से बाइक सीजी 11 एजेड 3766 में सवार बलौदा जिला जांजगीर-चांपा निवासी देवचरण रात्रे (46) और पेटूपाली बरगढ़ ओडिशा निवासी किशोर राउतिया (25) बैग में 6 किलो गांजा ले जा रहे थे। जब्त गांजे की कीमत 3 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी से दो मोबाइल भी जब्त किया है।
सिटी कोतवाली महासमुंद: रेलवे स्टेशन के पास रेड कार्रवाई में पुलिस ने 700 नग नशीली दवाई जब्त की है। पुलिस 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार (32), मनोज कुमार सोनबेर (33), सद्दाम कुरेशी (32), रिंकू चंद्राकर (34) और कामेश चंद्राकर (30) सभी महासमुंद निवासी शामिल है।
पुलिस ने कारें और बाइक-ट्रक किया जब्त
पुलिस ने सिर्फ गांजे की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपए आंकी है। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक, एक पिकअप, दो कार और एक बाइक समेत कई सामग्रियों को जब्त किया है। जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपए बताई गई है।
ऐसे आड़ में करते थे तस्करी
पुलिस जांच में सामने आया है कि, तस्कर नशे की खेप पहुंचाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे। इनमें ड्राई फ्रूट से भरे ट्रक, घरेलू सामान, पैकर्स एंड मूवर्स की आड़, कार, बाइक और ट्रेन जैसे माध्यम शामिल थे। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उनके सभी प्रयास विफल रहे।