
दरअसल, पुलिस की टीम म्यूल अकाउंट की जांच कर रही थी। इस दौरान पता चला कि खाताधारक के नाम पर संचालित खाते का उपयोग अन्य लोग कर रहे हैं। जांच में यह भी पता चला कि अकाउंट में ’’मैरिज ब्यूरो’’ से संबंधित राशि जमा कराई जा रही थी।
कॉल सेंटर बनाकर चला रहे थे नेटवर्क
सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि ACCU की टीम पूर्व में म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान जानकारी मिली थी कि मैरिज ब्यूरो गैंग इस तरह की ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने ऐसे गिरोह की जानकारी जुटाई, जिसमें सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों की जानकारी मिली थी।इसी आधार पर पुलिस की टीम ने मैरिज ब्यूरो के कॉल सेंटर में दबिश दी, जहां संचालक और सहयोगी सक्रिय मिले। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गिरोह के सदस्य ऐसे करते थे ठगी
सीएसपी ने बताया कि गिरोह के लोगों से पूछताछ में यह पता चला कि शादी के इच्छुक लोगों को झांसा देकर उनसे राशि जमा कराई जाती थी। जिसके बाद ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर बातचीत कराई जाती थी। ताकि सामने वाला भावनात्मक रूप से जुड़ जाए और उन्हें उनके ब्यूरो पर भरोसा हो।
लाखों के ट्रांजेक्शन, 10 कम्प्यूटर, 70 मोबाइल और कैश बरामद
ACCU की टीम ने जब म्यूल खातों की जांच की, तब पता चला इन खातों के जरिए लाखों रुपए का लेन-देन किया गया है। यह पुलिस को यह भी मालूम हुआ कि जिन खाताधारकों के नाम पर अकाउंट है वो इसका उपयोग नहीं करते। बल्कि, ठगी करने वाला गैंग इसका संचालन कर रहा था। इस कार्रवाई में 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल और 20 हजार कैश बरामद हुआ है।
वकील समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में चांटीडीह निवासी वकील फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40) के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ सैदा निवासी महारथी साहु (31), चांटीडीह निवासी तरुणा उर्फ सोनू खरे (40) और खमतराई अशोक नगर निवासी नीरा बाथम (32) को गिरफ्तार किया है।
बिहार के युवक को बनाया ठगी का शिकार
सीएसपी सिंह ने बताया कि बिहार के रहने वाले युवक ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे विवाह के लिए योग्य लड़की का प्रोफाइल उपलब्ध कराने का झांसा देकर उससे 10 हजार रुपए जमा कराए गए। लेकिन, पैसे देने के बाद उसे किसी लड़की का प्रोफाइल नहीं दिया गया। इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ। युवक की शिकायत पर म्यूल अकाउंट की जांच के लिए बिलासपुर पुलिस को मामला भेजा गया था।