
यह मामला 13 मार्च 2026 को शुरू हुआ, जब जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर प्रभारी एवं पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह ने संतोष कुमार वाणिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कलेक्टर कार्यालय ने 20 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
संतोष कुमार वाणिक ने 23 मार्च 2026 को अपना स्पष्टीकरण पेश किया, लेकिन जांच में उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि वाणिक ने ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती थी।
वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग
इसके अलावा उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया, जो अनुशासनहीनता की गंभीर श्रेणी में आता है। अपने जवाब में वाणिक ने अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय अन्य अधिकारी-कर्मचारियों पर दोषारोपण कर जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास किया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने पाया कि पेश जवाब छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान संतोष कुमार वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है। उन्हें इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी होगी।