
दूसरी तरफ खनिज विभाग ने जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने का दावा किया है। तीन दिनों तक चलाए गए अभियान में विभाग ने 22 वाहनों को जब्त किया है।
जानकारों का कहना है कि अरपा नदी सहित जिले की नदियों में अब सही क्वालिटी का रेत मिलना बंद हो गया है। ऐसे में शहर में पचपेड़ी क्षेत्र के रेत घाट के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव नदी से अवैध उत्खनन कर रेत का परिवहन किया जा रहा है।
जांजगीर के पीथमपुर पुल के पास अवैध उत्खनन कर हाईवा में रेत लोड कर परिवहन करने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नदी में हाईवा की कतार लगी है। यहां बेखौफ होकर उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। जबकि, जिस जगह पर उत्खनन चल रहा है, वहां कोई रेत खदान आवंटित ही नहीं किया गया है।
जांजगीर से अवैध रेत उत्खनन, बिलासपुर में परिवहन
जांजगीर से अवैध रेत उत्खनन कर शहर में परिवहन किया जा रहा है। शाम होने के बाद रेत से भरे हाईवा अकलतरा नेशनल हाईवे के आसपास आकर खड़ी रहती है। जैसे ही रात में नो एंट्री खुलता है उसके बाद लगातार हाईवा से रेत से भरे हाईवा शहर की सड़कों पर दौड़ने लगती है।
अरपा नदी क्षेत्र से 10 ट्रैक्टर जब्त
बिलासपुर जिला खनिज अधिकारी केके कोलघाटे के अनुसार अरपा नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई करते हुए 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई रतखंडी क्षेत्र में नदी से अवैध उत्खनन को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई।
पोकलेन और हाइवा पर भी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि धुमा-मानिकपुर क्षेत्र में खनिज मिट्टी के अवैध उत्खनन के दौरान एक पोकलेन मशीन और 4 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया है। वहीं लावर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए एक हाइवा वाहन पकड़ा गया।
जेसीबी और ट्रैक्टर भी पकड़े गए
इसके अलावा राजपुर-केकती क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन और 4 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। साथ ही बुतेना क्षेत्र में मुरुम का अवैध उत्खनन करते हुए एक और जेसीबी मशीन को भी कब्जे में लिया गया है। जब्त सभी 22 वाहनों को पुलिस चौकी बेलगहना और खनिज जांच चौकी लावर की कस्टडी में रखा गया है।
ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ाई रेत की कीमत
इधर, ट्रांसपोर्टरों ने एक अप्रैल से रेत की कीमत बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जांजगीर-चांपा से उन्हें रेत मंगाना पड़ रहा है, जिसमें ज्यादा खर्च हो रहा है। इससे पहले एक हाईवा रेत की कीमत 15000 रुपए थी, जो अब बढ़कर 19000 रुपए हो गई है। रेत की कीमत बढ़ने से अब मकान बनाने वालों को भी नुकसान हो रहा है।