छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तैनात सब इंपेक्टर अजय कुमार सिंह पर 10 हजार रुपए लेकर केस दबाने का आरोप है। लेन-देन से जुड़ा ऑडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसे में प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने SI को सस्पेंड कर दिया है। मामला सिटी कोतवाली का है।
यह मामला महिला और उसके पति पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद अध्यक्ष सोहन ध्रुव और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष प्रवीण यादव के नाम सामने आए हैं, जो कि भाजपा समर्थित हैं। आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही केस दर्ज कर दिया और उसी केस को दबाने के नाम पर रिश्वत ली गई।
इस मामले में डीएसपी का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं अब इस मामले में राजनीतिक रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार के समर्थन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भी सड़क पर उतर आई है। कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने रैली निकाली। उनका कहना है कि एसआई पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
पीड़िता ममता किरण यादव ने इस पूरे मामले में आवेदन देकर एसपी से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि होली के दिन (4 मार्च) उनके साथ और उनके पति के साथ मारपीट की गई। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है और पति नंदकुमार यादव को आरोपी बना दिया।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी सोहन ध्रुव (जनपद अध्यक्ष) और प्रवीण यादव (पूर्व जनपद उपाध्यक्ष) जनप्रतिनिधि होने के कारण उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने केस रफा-दफा करने का दबाव बनाया और रिश्वत की डिमांड की।
पीड़िता का कहना है कि एसआई अजय सिंह ठाकुर ने 20,000 रुपए की रिश्वत मांगी और कहा कि 10,000 रुपए पहले देने होंगे और बाकी 10,000 रुपए काम होने के बाद। इस मामले में थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।