छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण ने पुलिसकर्मी पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत देकर कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम कुरमापाली का रहने वाला बद्रिका साहू (47) सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 13 अप्रैल की रात करीब 10 बजे वह अपने घर के सामने बैठा था।
इसी दौरान पुसौर थाने में पदस्थ आरक्षक डोलनारायण साहू अपने साथी विवेकानंद साहू, भरतलाल साहू, संतोष साव, तेनाली साव और भगलू साव के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि डोलनारायण साहू ने बिना किसी कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़ित के अनुसार आरक्षक ने वर्दी का धौंस दिखाते हुए डंडे से मारपीट की, जिससे उसे अंदरूनी चोटें आईं। साथ ही वह यह कहते हुए धमकी दे रहा था कि “मैं पुलिस वाला हूं, मेरी पत्नी सरपंच है, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
बीच-बचाव करने पर पत्नी-बेटी के साथ धक्का-मुक्की
पीड़ित ने बताया कि जब उसके साथ मारपीट की जा रही थी, तब उसकी पत्नी विशाखा साहू और बेटी वेदकुमार बीच-बचाव के लिए पहुंचीं। आरोप है कि उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
ऐसे में पीड़ित ने अपने आवेदन में आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
बद्रिका साहू ने बताया कि वह आज कलेक्टर के पास शिकायत करने पहुंचा है। उसका कहना है कि बिना किसी गलती के उसके साथ मारपीट की गई, जिसकी पुष्टि गांव के ग्रामीणों से भी कराई जा सकती है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि उसने पहले कोतरा रोड थाना में आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसका आरोप है कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है। उसने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा