
जिले में कुल 37 शराब दुकानें चल रही हैं। इनमें 2 प्रीमियम, 15 कंपोजिट, 9 देशी और 11 अंग्रेजी शराब दुकानें शामिल हैं।
शहर में सबसे ज्यादा शराब बिक्री सिग्नल चौक, बड़पारा, पुराने सारंगढ़ बस स्टैंड, विजयपुर और पहाड़ मंदिर रोड की दुकानों में होती है। यहां सस्ती से लेकर महंगी तक हर तरह की शराब मिलती है।
देशी शराब पीने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा है, लेकिन अप्रैल महीने से देशी, गोवा और सस्ती शराब की क्वार्टर और हाफ बोतलें पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही हैं।इस वजह से सस्ती शराब पसंद करने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें शराब के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक जाना पड़ रहा है।
कहीं बोतल तो कहीं महंगे क्वार्टर
बताया जा रहा है कि कई दुकानों में सिर्फ 600-700 रुपए से ज्यादा कीमत वाली शराब ही मिल रही है, जबकि कुछ जगहों पर महंगे क्वार्टर बिक रहे हैं। इससे देशी, गोवा और सस्ती शराब लेने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लोगों को कई दुकानों के चक्कर लगाने के बाद मुश्किल से देशी शराब मिल रही है। वहीं कुछ लोग मजबूरी में महंगी शराब खरीद रहे हैं। बीयर की बात करें तो लोगों को अपनी पसंद की बीयर भी नहीं मिल पा रही है।
सिर्फ इधर-उधर भटक रहे हैं
शराब खरीदने आए मंतोष चौहान ने बताया कि उन्हें गोवा शराब चाहिए, लेकिन अभी वह नहीं मिल रही है। वह गोवा शराब लेने दुकान आए थे, लेकिन स्टॉक खत्म होने की वजह से अब दूसरी दुकान पर जाएंगे।
वहीं अशोक ने कहा कि उन्हें सिर्फ दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वह सादा और गोवा शराब लेने आए थे, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं है।
जल्द मनपसंद शराब मिलने लगेगा
जिला आबकारी अधिकारी क्रिस्टोफर खलखो ने बताया कि ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश में है। नई पॉलिसी और प्लास्टिक बोतल के नए सिस्टम की वजह से सप्लाई में थोड़ी देरी हुई है।
उन्होंने कहा कि एक-दो हफ्तों में व्यवस्था काफी हद तक ठीक हो जाएगी और लोगों को जल्द ही अपनी पसंद की शराब मिलने लगेगी।