कोरबा में सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र बन गया

Chhattisgarh Crimesकोरबा में सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र बन गया। जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग के बैठक में अनुपस्थित रहने से नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि परिसर में धरने पर बैठ गए।

जनप्रतिनिधियों ने सीईओ पर मनमानी, अनदेखी और विकास कार्यों में पारदर्शिता न बरतने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस्तीफे तक की चेतावनी दी।

जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं पर चर्चा के लिए जनपद सदस्यों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग को भी उपस्थित रहने के लिए कहा गया था। हालांकि, लगभग तीन घंटे के इंतजार के बाद भी सीईओ बैठक में नहीं पहुंचे।

इसके बाद जनप्रतिनिधियों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

अफसर पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप

धरने के दौरान अध्यक्ष पवन सिंह ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में निर्वाचित प्रतिनिधियों की राय को महत्व नहीं दिया जाता और प्रशासनिक स्तर पर एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।

धरने पर बैठे सदस्यों ने डीएमएफ (जिला खनिज निधि) फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जनता के विकास के लिए मिलने वाली इस राशि के उपयोग में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के चयन और स्वीकृति प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया जाता, जिससे उनकी भूमिका केवल औपचारिक बनकर रह गई है।

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