छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 40 डिसमिल जमीन के लिए माता-पिता और भतीजे-भतीजी को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 40 डिसमिल जमीन के लिए माता-पिता और भतीजे-भतीजी को कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने पिता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम भंवतरा का है।

जांच में सामने आया है कि सोनसाय कश्यप (50) 16-17 साल पहले अपने सगे छोटे भाई पुनाउराम की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका है। पेशे से किसान पिता मेदनीराम (70) ने ही उसे जेल से बाहर लाने जमीन बेचकर पैसे खर्च किए थे।

पिता 40 डिसमिल जमीन 8 लाख में बेचकर मकान बना रहा था। सोनसाय चाहता था कि यह पैसा उसे मिले, इसलिए उसने हत्या की साजिश रची।

खून से लथपथ लाशें खाट पर मिलीं थीं

दरअसल, मेदनी अपनी पत्नी कांति बाई (65), नाती पीतांबर (17) और मूकबधिर नातिन मोगरा के साथ निर्माणाधीन मकान के पीछ स्थित घर में रह रहे थे। बुधवार रात सभी खाना खाने के बाद सो गए थे।

गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे जब मिस्त्री काम के लिए पहुंचा तो सामने का निर्माणाधीन मकान का दरवाजा बंद मिला। पीछे से जाकर देखने पर चारों की खून से लथपथ लाश खाट पर पड़ी मिली।

आरोपी के घर तक पहुंचा स्निफर डॉग

सूचना मिलते ही मौके पर एसपी निवेदिता पाल, एएसपी उमेश कश्यप समेत पुलिस टीम पहुंची। घर को सील कर एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच शुरू की गई। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बाड़ी के रास्ते सीधे सोनसाय कश्यप के घर तक पहुंचा था।

हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद

वहां ताला लगा था। पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली, जहां से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद की गई। इसके बाद सोनसाय और उसके बेटे गोलू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया।

भाई के मर्डर केस में जा चुका है जेल

एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। कांति बाई और नातिन मोगरा एक खाट पर सो रहे थे, जबकि मेदनी प्रसाद और नाती पीतांबर दूसरी खाट पर थे। चारों पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 16-17 साल पहले सोनसाय कश्यप अपने छोटे भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।

Exit mobile version