रायपुर में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर-जिला जल-स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 8 ग्रामों की टेंडर निरस्त कर दी गई हैं। साथ ही संबंधित एजेंसियों के अनुबंध समाप्त कर उनकी जमा EMD राशि राजसात करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला जल-स्वच्छता मिशन की बैठक में कार्यपालन अभियंता ने बताया कि कई ग्रामों में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्य निर्माण एजेंसियों ने बीच में ही बंद कर दिए थे। बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद एजेंसियों ने काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई। पेयजल जैसी जरूरी सेवा प्रभावित होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
दोबारा टेंडर होगा आमंत्रित
जिन ग्रामों की निविदाएं निरस्त की गई हैं उनमें आरंग ब्लॉक के गोढ़ी, राटाकाट और मालीडीह, अभनपुर ब्लॉक के हसदा और टीला, धरसींवा ब्लॉक के सारागांव और तर्रा तथा तिल्दा ब्लॉक का छपोरा गांव शामिल है। इन सभी जगहों पर अब दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी ताकि काम जल्द पूरा हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन्हें आगे जल जीवन मिशन की किसी भी निविदा में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा। जिले में लापरवाह एजेंसियों पर इस स्तर की कार्रवाई पहली बार हुई है, जिससे अन्य एजेंसियों को भी समय पर काम पूरा करने का संदेश मिला है।