
रात में ड्यूटी समाप्त होने के बाद घर लौटते समय नेशनल हाईवे-30 पर बालोदगहन के पास एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार संतराम मंडावी वर्तमान में पुरूर थाना में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। सोमवार को सर्व आदिवासी समाज के कलेक्ट्रेट घेराव और प्रदर्शन के दौरान उनकी ड्यूटी सुबह से देर शाम तक लगी हुई थी।आंदोलन समाप्त होने के बाद वे पहले पुरूर थाना पहुंचे और वहां से अपनी बाइक (सीजी 24 के 0769) से ग्राम सोहतरा स्थित घर के लिए निकले।
पत्नी से फोन पर कहा – आधे घंटे में घर आ जाऊंगा
रात करीब 10.20 बजे उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री मंडावी को फोन कर बताया कि वे थाना से निकल चुके हैं और आधे घंटे में घर पहुंच जाएंगे। लेकिन रास्ते में बालोदगहन के पास हादसा हो गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार कार (सीजी 19 बीवी 9732) के चालक ने वाहन को तेज गति और लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
घटनास्थल पर अधिक खून बहने से हो गई मौत
घटना की सूचना मिलने पर उनके पुत्र देवेंद्र मंडावी और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि संतराम मंडावी के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। ज्यादा खून बहने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बाइक सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी।
जबकि दुर्घटनाग्रस्त कार भी घटनास्थल पर मिली। हादसे के बाद चालक और कार में सवार अन्य लोग फरार हो गए। मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस की सहायता से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
कई थानों में दे चुके हैं सेवाएं
पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रधान आरक्षक संतराम मंडावी लंबे समय से पुलिस सेवा में थे और जिले के विभिन्न थानों में अपनी सेवाएं दे चुके थे। वर्तमान में वे पुरूर थाना में पदस्थ थे। उनके निधन की खबर से पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज – टीआई
पुरुर थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने बताया कि मृतक के पुत्र देवेंद्र मंडावी की रिपोर्ट पर कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है। कार चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए पीछे से ठोकर मारी है।