मैनपुर राजापडाव क्षेत्र में अंधेरों का राज,सौर ऊर्जा फेल,5 पंचायतों के लोग वर्षो से काट रहे अंधेरी रात

Chhattisgarh Crimes

बैटरी-इन्वार्टर खराब, घर ध्वस्त, प्रशासन का दावा सब क्रियाशील,सच – 0 घंटा रोशनी
पूरन मेश्राम/मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के राजापडा़व क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 3 में विद्युतीकरण हुआ है। वो भी अधूरा।

बाकी 5 पंचायतों के दर्जनों गांँव आज भी अंधेरों में कैद हैं।शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर सौर ऊर्जा लगाई है। लेकिन हकीकत ये है कि सौर ऊर्जा की बैटरी-इन्वार्टर पूरी तरह खराब हैं। रात में ये सिस्टम आधा घंटा भी नहीं जलता। नतीजा ये कि बच्चे,महिलाएं और बुजुर्ग वर्षो से अंधेरे में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। गेदराबेडा़, मोंगराडीह,भालूपानी,
भदरीपारा के रहवासी जैसे क्षेत्र के हर गांँव के हाल अपने आप में अजूबा है।
जहां रोशनी होनी थी वहां मलबा है

भदरीपारा गांँव में तो सौर ऊर्जा की बैटरी रखने वाला कच्चा मकान ही भारी बारिश में ध्वस्त हो गया। कोकड़ी,गरहाडीह, गौरगांँव,कोचेंगा,भूतबेड़ा पंचायत के सभी गांँव और पारा टोलों में रात होते ही घना अंधेरा।डर के साये में लोगो की जिंदगी कट रही है।बच्चे रात में पढ़ नहीं पाते, अंधेरे में सांँप, बिच्छू और जंगली जानवरों का डर हमेशा बना रहता है। बरसात के दिनों में और भयंकर परेशानियों से लोग जूझते हैं।क्षेत्र वासियों का आरोप है कि जमीनी हकीकत 0 घंटा रोशनी है,लेकिन प्रशासन की रिपोर्ट में सौर ऊर्जा को क्रियाशील बताया जा रहा है। ये क्षेत्रवासियों के साथ सरासर सौतेला व्यवहार है।
मुख्यमंत्री से मांग
क्षेत्रवासियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मांँग की है कि 8 से 10 घंटे प्रकाश की गारंटी देने वाली सौर ऊर्जा सिस्टम की तत्काल मरम्मत/नई व्यवस्था की जाए। या फिर युद्धस्तर पर विद्युतीकरण किया जाय।

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