
पुलिस के मुताबिक जब्त की गई पासबुक 6 अलग-अलग लोगों के नाम पर हैं। अब इन खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल निकाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के माल की बिक्री और पैसों का लेन-देन किन लोगों के जरिए किया गया।
जेवरा-सिरसा में कंपनी से कलेक्ट किया कोल सैंपल जांच के दौरान पुलिस को धमधा रोड स्थित एक कंपनी में अवैध रूप से आवांछित कोयला रखे जाने की सूचना भी मिली थी। इसके बाद पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कोयले का सैंपल लिया है। अब इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दो और आरोपी को गिरफ्तार किया इधर सोमवार को पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में क्रेन ऑपरेटर इंद्र कुमार पटेल (26) निवासी वार्ड-40 छावनी मंगल बाजार और मदन साहू (24) निवासी डुमरडीह, उतई शामिल हैं। दोनों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं अकलोरडीह स्थित यार्ड से पहले गिरफ्तार किए गए ड्राइवर समेत चार आरोपियों की जमानत याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
एएसपी बोले- सैंपल लिया है, जांच के बाद होगी कार्यवाही एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अकलोरडीह स्थित यार्ड में स्क्रैप चोरी का मामला सामने आने के बाद पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि प्लांट के अंदर से स्क्रैप लोड कर बाहर भेजा जाता था। इसी कड़ी में दो क्रेन ऑपरेटरों की भूमिका सामने आने पर उनकी भी गिरफ्तारी की गई है। जांच के दौरान एक सूचना मिली थी कि धमधा रोड में एक कंपनी है जहां पर एक अवांछित रूप से कोल रखा हुआ है। जिस पर माइनिंग के अधिकारियों के साथ पुलिस की टीम जा कर के वहां सैंपल कलेक्ट की है। सैंपल जांच आ जाने के बाद उस पर विधिवत कार्यवाही की जाएगी।
बीएसपी ने पुलिस को भेजी जानकारी एएसपी सिटी ने बताया कि पुलिस संभावित आरोपियों के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। साथ ही उनकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। BSP प्रबंधन और CISF को भी नोटिस जारी कर जरूरी जानकारी मांगी गई थी, जो पुलिस को मिल चुकी है। अब उन अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी, जिनके कार्यक्षेत्र से स्क्रैप की निकासी होने की बात सामने आई है। बैंक खातों, कंपनियों और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल फरार मुख्य आरोपी संजय सिंह की तलाश जारी है।