बिलासपुर के रेलवे परिक्षेत्र स्थित बुधवारी बाजार में गुरुवार रात आग लग गई। आग सबसे पहले साइकिल स्टोर में लगी और देखते ही देखते आसपास की चार दुकानों तक फैल गई। दुकान में बड़ी मात्रा में रखे साइकिल पार्ट्स, टायर और रबर ट्यूब जलकर खाक हो गए।
टायर-ट्यूब जैसी ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से भड़क गई। आग की लपटें पास की कपड़ा दुकानों तक पहुंच गईं, जिससे वहां भी नुकसान हुआ। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
अभी तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि शार्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
रात 10 बजे भड़की आग
दरअसल गुरुवार रात करीब 10 बजे जय हिंद साइकिल स्टोर में अचानक आग लग गई। दुकान से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख आसपास के व्यापारियों को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई।
आग बुझाने में जुटे दमकल कर्मी और व्यापारी
घटना की जानकारी मिलते ही लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान बुधवारी बाजार के बड़ी संख्या में व्यापारी और व्यापारिक संगठनों के सदस्य भी दमकल कर्मियों के साथ आग पर काबू पाने में जुटे रहे।
साइकिल दुकान में बड़ी मात्रा में टायर, ट्यूब और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। वहीं आसपास की कई दुकानों में कपड़ों का कारोबार होने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा बना रहा। शुरुआती तौर पर घटना में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
शुरुआती तौर पर हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद देर रात तक दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने में जुटे रहे।
दमकल टीम का पहला प्रयास तेजी से फैल रही आग को नियंत्रित करना था, ताकि आग की लपटें आसपास की अन्य दुकानों तक न पहुंच सकें। समय रहते किए गए प्रयासों से आग को और अधिक फैलने से रोकने की कोशिश की गई।
दहशत में व्यापारियों ने खाली की दुकानें
बाजार में आग फैलने की खबर मिलते ही दोनों ओर के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। घटना स्थल के आसपास ज्यादातर रेडीमेड कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें होने के कारण व्यापारियों को बड़ी तबाही की आशंका सताने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई व्यापारी आनन-फानन में अपनी दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। आग जिस तेजी से फैल रही थी, उसे देखते हुए आसपास की दुकानों तक लपटें पहुंचने का खतरा बना हुआ था।
4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
आग लगने के बाद दमकल कर्मी करीब 4 घंटे तक उसे नियंत्रित करने में जुटे रहे। बुधवारी बाजार में दुकानें सघन रूप से स्थित होने के कारण आग के पूरे बाजार में फैलने का खतरा बना हुआ था।
लिहाजा, बाहर उठ रहे आग की लपटों को पहले काबू में किया गया। इस दौरान एक-एक कर तीन दमकल पहुंच गई। घंटों मशक्कत के बाददमकल कर्मियों ने आग पर काबू किया।
सकरी गलियों में पाइप खींचकर पहुंचे दमकल कर्मी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन बुधवारी बाजार की संकरी गलियों ने राहत-बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियां दुकानों के गोदामों और पीछे के हिस्सों तक नहीं पहुंच पा रही थीं।
ऐसे में दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए मुख्य मार्ग पर गाड़ियों को खड़ा किया और गलियों के भीतर सैकड़ों मीटर लंबे पाइप खींचकर किसी तरह आग बुझाने का काम शुरू किया।