रायपुर में छत्तीसगढ़ संयुक्त ईसाई समाज ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। समाज ने हर हिंदू परिवार को 50 गायों के संरक्षण की जिम्मेदारी देने का सुझाव भी रखा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति होती है, लेकिन संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था नहीं है। इस मामले पर भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। गाय को गौमाता का दर्जा देने की मांग पहले भी उठ चुकी है। इस पर BJP ने कहा मां मानने के लिए सरकारी घोषणा का इंतजार क्यों।
बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में कई धर्मगुरुओं और कथावाचकों ने भी गौ माता को राष्ट्र पशु का दर्जा देने की मांग सरकार से की हैं। पिछले दिनों सुंदर नगर में रहने वाले युवक ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर अपने हाथ की उंगली काट ली थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
गायों के संरक्षण की मांग
संयुक्त ईसाई समाज छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष प्रभाकर ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन आज बड़ी संख्या में गायें सड़कों पर लावारिस घूम रही हैं। इससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं और कई बार गायों की भी मौत हो जाती है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु या राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाता है, तो उसके संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी तय होगी। उनका मानना है कि इससे गौवंश की स्थिति बेहतर होगी और सड़कों पर लावारिस पशुओं की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।