छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में HIV संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में HIV संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अप्रैल और मई 2026 के दौरान जिले में 18 नए HIV संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। इनमें दो ऐसे बच्चे भी शामिल हैं, जो संभवतः नशे के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शन की एक ही सुई (नीडल) के इस्तेमाल से संक्रमित हुए हैं।

जिले में पिछले कुछ समय से नाबालिगों और युवाओं के बीच नशीले इंजेक्शन के इस्तेमाल की प्रवृत्ति बढ़ी है। पुलिस पहले भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, जो युवाओं और नाबालिगों को आसानी से नशीले इंजेक्शन उपलब्ध करा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि, साझा नीडल के इस्तेमाल से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

संक्रमितों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग शुरू

नए मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला का पता लगाया जा सके और संभावित संक्रमित लोगों की समय पर जांच हो सके। सभी मरीजों को एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर से जोड़कर इलाज और नियमित स्वास्थ्य निगरानी दी जा रही है।

6 साल में मिले 746 HIV संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2021 से अब तक रायगढ़ जिले में कुल 746 HIV संक्रमित मरीजों की पहचान की जा चुकी है। विभाग की तरफ से समय-समय पर जांच, परामर्श और इलाज की प्रक्रिया जारी रखी जा रही है।

कैसे फैलता है HIV संक्रमण?

जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत ने बताया कि, HIV संक्रमण संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित मां से बच्चे में, एक ही नीडल के बार-बार इस्तेमाल और असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैल सकता है।

उन्होंने बताया कि अप्रैल और मई में मिले 18 संक्रमितों में दो बच्चे नशे के इंजेक्शन के कारण संक्रमित पाए गए हैं, जबकि अन्य मरीज अलग-अलग कारणों से संक्रमण की चपेट में आए हैं।

जागरूकता और सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नशीले इंजेक्शनों के इस्तेमाल से बचने, एक ही सुई का साझा इस्तेमाल न करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से HIV संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

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