
आरोपी लोगों को जमीन में गड़ा खजाना मिलने की कहानी सुनाकर भरोसे में लेते थे और फिर नकली धातु को असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का लालच देते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद ही कई धातुओं से नकली सोना तैयार करते थे।
आरोपियों ने एक व्यक्ति को 10 हजार रुपए में नकली सोना भी बेचा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट बरामद किए हैं। मामला उतई थाना क्षेत्र का है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक पीड़ित का नाम जीतेंद्र साहू है, बोरसी का रहने वाला है। जीतेंद्रको आरोपियों ने पहले 10 हजार रुपए में नकली सोना बेचा। इसके बाद उन्होंने बताया कि उनके पास और भी सोना है, जो जमीन के अंदर एक हांडी में मिला था।
आरोपियों ने इसे बाजार कीमत से आधे दाम पर बेचने की बात कही। शक होने पर जीतेंद्र ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दिनेश कुमार टंडन (50), पन्नालाल कुर्रे (42), गणेशराम गंधर्व (56), रामस्वरूप रौतेल (30) और भानुप्रताप डहरिया (40) को अरेस्ट किया।
खुद तैयार करते थे नकली सोने
दिनेश और भानुप्रताप दुर्ग के ही रहने वाले हैं, जबकि पन्नालाल कोरबा, गणेशराम कवर्धा और रामस्वरूप डिंडोरी (मध्यप्रदेश) का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किसी धातु से सोने जैसे दिखने वाले नकली बिस्किट तैयार करते थे।
इसके बाद गांव-गांव घूमकर लोगों को बताते थे कि उन्हें जमीन में दबा हुआ खजाना मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और पुराने सिक्के हैं। भरोसा जीतने के बाद वे इन्हें असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का लालच देते थे।