
बोर्ड ने प्रदेश की सभी ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से कहा है कि, सभी धार्मिक कार्यक्रम केवल कुरान, हदीस और शरीयत के मुताबिक ही आयोजित किए जाए।
बोर्ड ने आगे कहा कि मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों में DJ, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शरीयत गतिविधियों की किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं होगी। धार्मिक आयोजनों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सभी संबंधित समितियों की जिम्मेदारी है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि किसी जुलूस, उर्स या धार्मिक कार्यक्रम में बैन गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित समिति और उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित समिति की मान्यता भी खत्म की जा सकती है।
उल्लंघन पर लगेगा 50 हजार जुर्माना
वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा है कि, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को पूरे अदब, एहतराम और अनुशासन के साथ संपन्न कराएं और किसी भी विवाद या अनुचित गतिविधि से बचें।