
इस एक्शन के बाद आबकारी अधिकारी-कर्मचारी संघ के व्हाट्सऐप ग्रुप की चैट वायरल हुई है, जिसमें लिखा है कि, यही समय संगठन की ताकत दिखाने का है। चैट में कार्रवाई का विरोध करते हुए आयुक्त को ज्ञापन देने, 7 दिनों के अंदर सस्पेंड अधिकारियों की बहाली और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही गई है।
60 रुपए तक महंगी बेच रहे थे शराब
रायपुर से लेकर धमतरी तक सेल्समैन ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूल रहे थे। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने नकली ग्राहक बनकर अलग-अलग जिलों की दुकानों पर दबिश दी, जहां शासन की तरफ से निर्धारित दर से 10 रुपए से लेकर सीधे 60 रुपए तक ज्यादा वसूली का खुलासा हुआ, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
8 अधिकारियों को नोटिस
राजेश शर्मा, जेबा खान, अल्ताफ खान रायपुर, निरूपमा लोन्हारे धमतरी, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह बलौदाबाजार-भाटापारा, अजय सिंह ध्रुवे, चंद्रप्रताप सिंह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। इन सभी जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
कहीं चिल्हर का बहाना, कहीं स्कैनर खराब
छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग सिर्फ एक शिकायत नहीं थी। अक्सर ‘चिल्हर नहीं है’ या ‘बोतल ठंडी है’ जैसे बहानों से प्रति 10 से 50 रुपए ज्यादा वसूले जाते हैं।
ऑनलाइन पैसे न लेने पड़ें इसके लिए बोर्ड तक लगा देते हैं कि यूपीआई मशीन बंद है। धमतरी में 1440 की बोतल सीधे 1500 रुपए में बेची जा रही थी। यह अवैध वसूली सीधे सेल्समैन से लेकर ऊपरी स्तर तक ‘हिस्सेदारी’ के शक के घेरे में है।