
इसे लेकर अब राजनीतिक शुरू हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा थोपने की कोशिश की जा रही है। स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म का नहीं हैं। यहां सभी अलग-अलग धर्मों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं।
वहीं, इस विरोध पर बीजेपी ने कहा कि स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसा न बनाएं तो क्या मदरसा बनाएं? क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग दें?
जानिए आदेश में क्या लिखा है
स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 से सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के ज्ञान के विकास और उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए प्रार्थनाओं का आयोजन करने का निर्देश दिया है। 12 जून को जारी आदेश में विभाग ने सभी स्कूलों को रोजाना प्रार्थना कराना सुनिश्चित करने को भी कहा है।