
इस अवसर पर खल्लारी विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। विधायक यादव ने कहा कि मनरेगा योजना में अब लगभग 40 प्रतिशत राशि का भार राज्य सरकार पर डाला जा रहा है, जिससे राज्यों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा मजदूरों को सौ दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी दी गई थी। मौजूदा सरकार द्वारा उस अधिनियम में किया गया बदलाव उचित नहीं है। यादव ने आशंका जताई कि इस नई व्यवस्था में इतनी बड़ी कल्याणकारी योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों के लिए संभव नहीं होगा।
विधायक बोले- मनरेगा में बदलाव गरीब मजदूरों के हितों से खिलवाड़
विधायक यादव ने कहा कि इससे मनरेगा के अंतर्गत पर्याप्त कार्य उपलब्ध नहीं हो पाएगा, जिसका सीधा नुकसान गरीब और ग्रामीण मजदूरों को होगा। उन्होंने चेताया कि पहले मनरेगा मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी थी, लेकिन वर्तमान बदलावों के बाद उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ेगी और पलायन की समस्या गंभीर होगी।
यादव ने इस फैसले को मजदूर-विरोधी और केंद्र सरकार की जनविरोधी सोच का परिचायक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा में किए गए इन बदलावों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी तथा सड़क से लेकर सदन तक मजदूरों की आवाज बुलंद करेगी।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।